Google+ Badge

सोमवार, 2 दिसंबर 2013

श्रद्धांजलि: भोपाल गैस त्रासदी

बच्चा  डूबा   है  नींद  में
नींद  बहुत  गहरी  है
गहरा  है  नींद  का  रहस्य

बच्चे  की  मुंदी  हुई  आंखों  में
क़ैद  हैं  कई  सपने
फूलों  के,  परियों  के
रंगीन  तितलियों  के
डरे  और  सहमे  से

बच्चे  की  नींद  पर
बैठा  है  फन  खोले
ज़हरीला  नाग  एक
(विज्ञानं  की  पुस्तकों  में
मिथाइल  आइसो  सायनेट  के  नाम  से
पहचाना  गया)

नाग  की  हिफ़ाज़त  में
भारी  ख़ज़ाना  है
परदेसी  बंजारा
छोड़  गया  अपना  धन
लौटेगा
लौटेगा  एक  दिन…

छप्पर  की  दरारों  से
टुकुर-टुकुर  तकती  है
मटमैली  गौरैया
बच्चे  की  मुंदी  हुई  आंखों  में
नापती  है  नाग  की  आंखों  की  गहराई
तौलती  है  अपने  पंखों  की  ताक़त

लाएगी  गौरैया
छीन  कर  बंजारे  से
नींद  के  तालों  की  चाभियां
नागों  का  वशीकरण-मंत्र
खोलेगी  नींद  का  रहस्य !

                                                      (1985)

                                               -सुरेश  स्वप्निल 




कोई टिप्पणी नहीं: