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बुधवार, 7 मई 2014

नीच सोच, नीच कर्म !

मेरा  जन्म-नाम  'न'  वर्ण  से
आरंभ  होता  है
यानी,  वृश्चिक  राशि
अर्थात,  चंद्रमा  की  नीचतम  राशि  !

चंद्रमा  मन  का  स्वामी  होता  है
वृश्चिक  राशि  में  जन्म  लेने  वाले
जातक  का  मन
नीच  भावनाओं,  नीच  विचारों  से  भरा  होता  है
उसके  सभी  कर्म  नीच  होते  हैं
नीच  सोच  से  प्रेरित  !

मंगल  इस  राशि  का  स्वामी
होता  है
व्यक्ति  की  उग्रतम  भावनाओं  का  कारक
यही  कारण  है
मेरी  झगड़ालू  प्रवृत्ति  का  ! 

मेरा  अपने  जन्म-समय  पर
अधिकार  होता
तो मैं  किसी  और  समय  पर
जन्म  लेता  !

मेरी  राशि  का  नैसर्गिक  गुण  है
अवसर  पाते  ही
डंक  मार  देना
मेरा  कोई  मित्र  नहीं  होता
क्योंकि  मैं
सबका  शत्रु  होना  ही
श्रेष्ठ  मानता  हूं  !

बिच्छू  हूं  न  !
सब  मेरे  शत्रु,
मैं  सबका  शत्रु  !
किसी  दिन
कोई  अनजान,  शैतान  बच्चा
मसल  कर  देगा  मुझे
अपने  जूते  से  !

नीच  राशि,  नीच  मन
नीच  सोच,  नीच  कर्म  !

अंत  भला  उच्च  कैसे  होगा  ?

                                                                       ( 2014 )

                                                                -सुरेश  स्वप्निल 

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